मैं एक चलचित्र का खोया हुआ सा किरदार हूं
मैं उस किरदार को एक दिन परदे पर देखता हूं
और फिर कुछ सौ दिनों तक
उस किरदार के सांचे से बाहर नहीं आता
मैं Jordan का टूटा हुआ दिल हुं
मैं Veera की पक्की चाहत और कच्ची कोशिश हुं
मैं Shiuli और Dan के बीच हुई अनकही बात हुं
मैं Ved की कहानियों में छुपा सहायक किरदार हुं
फिर एक नया चलचित्र परदे पर आया
मैं उसमें सम्मोहित होकर नया सा हो गया
पिछले किरदार का कुछ अंश मुझमें बाकी रह गया
मैं अब तक के देखे सारे किरदारों का एक मेल हुं
कच्ची उम्र का विमोह कहे की शायद अपना अंत भी
सोहनी-महिवाल, लैला-मजनू, या हीर-रांझा की कहानी सा होगा
खैर छोड़ो,
अब तो इश्क़-मोहब्बत की दरकार की झलक ही बसर है |

