Fit-in Vs Original

The upper middle class and rich class which rarely admits their status but are not able to keep themselves surrounding by "Status" symbol. Convenience is their Brand Name. Art is a piece of showcase, Literature does not have genre. It's all twisted, until it gives them financial benefit or make them look as if. The… Continue reading Fit-in Vs Original

मीरा, राधा और महाभारत

मीरा मर गयी, राधा मर गयी श्याम के आस देखते पूरी सतयुग ही बीत गयी | आकर्षक और हसमुख सूरत अज्ञान की आग में महाभारत मच गयी | देख धरोहर खून से सनी अर्जुन दुःख से भर जाता था मोह त्याग का पाठ पढ़ाकर वो अर्जुन को बहकाता था | ना समझाया, ना बतलाया, ना… Continue reading मीरा, राधा और महाभारत

मृगतृष्णा के मोह में

सरल साधारण जीवनी मेरी असमान्य है हर ख्याल मेरे जिंदगी में कम में है ख़ुशी जान पाये है आज अरमान मेरे निराला मन है मासूम से सपने क्लेश द्वेष है मन के अपने भेद भाव है घना अँधेरा समझ पाए न किसी के दिल को अहंकार से चूर है तन मन में बेसब्री है मृगतृष्णा… Continue reading मृगतृष्णा के मोह में

मोहल्ले का प्यार

मोहल्ले का प्यार झुठ मुठ की तकरार मासूम से सपने प्यारी सी नोकझोक दिल के अपने सुख - दुःख के साथी ज़िंदगी की मुसीबतों को हस - खेल के बिताती खुशियों की चाभी पड़ोस में होती थी विश्वास करना आसान था दर्द में हमदर्द बनना रिश्तों को सिर्फ नाम से न निभाना हमसफ़र बन के… Continue reading मोहल्ले का प्यार

ख़याली मन में

आंखे बंद कर उसे ढूंढूं सवालो में, जवाबो में उसे खोजूं दिलासा दे, ख़याल सा ऐसा मेरे है बँधे पाँव खोल मैं उडुं | रज़ा क्या तेरे इस ख्वाईश की एक आंधी बन आसमान को छु लूँ | नगर नही, गली नहीं कोई ठिकाना हो ऐसी राह पर है मुझे जाना सितारों में जो मोती… Continue reading ख़याली मन में

सच्चा और अच्छा इंसान

एक और एक दो बनाता  है या ग्यारह ?जिन्दगी में नफा ज्यादा या नुक्सान ? एक स्वाभिमान दीखता है ,पर वो स्वाभिमान कब अभिमान में बदल जाता है ,पता ही नहीं चलता | एक अच्छे आदमी की पहचान होती है उसके गुण ,हमारे शास्त्रों  में भी पांच सद्गुण माने गए है .... दया, धर्मं, प्रेम,… Continue reading सच्चा और अच्छा इंसान