मीरा, राधा और महाभारत

मीरा मर गयी, राधा मर गयी श्याम के आस देखते पूरी सतयुग ही बीत गयी | आकर्षक और हसमुख सूरत अज्ञान की आग में महाभारत मच गयी | देख धरोहर खून से सनी अर्जुन दुःख से भर जाता था मोह त्याग का पाठ पढ़ाकर वो अर्जुन को बहकाता था | ना समझाया, ना बतलाया, ना… Continue reading मीरा, राधा और महाभारत

मृगतृष्णा के मोह में

सरल साधारण जीवनी मेरी असमान्य है हर ख्याल मेरे जिंदगी में कम में है ख़ुशी जान पाये है आज अरमान मेरे निराला मन है मासूम से सपने क्लेश द्वेष है मन के अपने भेद भाव है घना अँधेरा समझ पाए न किसी के दिल को अहंकार से चूर है तन मन में बेसब्री है मृगतृष्णा… Continue reading मृगतृष्णा के मोह में

मोहल्ले का प्यार

मोहल्ले का प्यार झुठ मुठ की तकरार मासूम से सपने प्यारी सी नोकझोक दिल के अपने सुख - दुःख के साथी ज़िंदगी की मुसीबतों को हस - खेल के बिताती खुशियों की चाभी पड़ोस में होती थी विश्वास करना आसान था दर्द में हमदर्द बनना रिश्तों को सिर्फ नाम से न निभाना हमसफ़र बन के… Continue reading मोहल्ले का प्यार